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Published on Feb 20, 2025 Updated 0 Hours ago

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CPTPP में शामिल हुआ UK: एक सांकेतिक कदम या एक रणनीतिक बदलाव?

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15 दिसंबर 2024 को यूनाइटेड किंगडम (यूके) आधिकारिक रूप से कंप्रिहेंसिव एंड प्रोग्रेसिव एग्रीमेंट फॉर द ट्रांस-पैसिफिक पार्टनरशिप (CPTPP) में शामिल हो गया. ये ब्रेक्ज़िट के बाद उसकी व्यापार रणनीति में एक महत्वपूर्ण कदम का प्रतीक है. पैसिफिक क्षेत्र में फैले CPTPP में दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ती 11 अर्थव्यवस्थाएं शामिल हैं और ये व्यापार शुल्क को कम करते हुए सदस्यों को बाज़ार तक अधिक पहुंच मुहैया कराता है. CPTPP के भीतर दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था (जापान के बाद) और पहले यूरोपीय सदस्य के रूप में यूके का शामिल होना मुक्त व्यापार समझौते (FTA) के तौर पर CPTPP की स्थिति को मज़बूत करता है. इसके सदस्य देशों की कुल GDP 12 ट्रिलियन यूरो है और वैश्विक उत्पादन में इसका हिस्सा 15 प्रतिशत है. 

इंडो-पैसिफिक की तरफ यूके का झुकाव और CPTPP की पेशकश

CPTPP यूरोपियन यूनियन (EU) की कथित जंज़ीरों के बाहर यूके की व्यापार नीति को निर्धारित करने में यूके के स्वतंत्र रुख का उदाहरण है. ब्रेक्ज़िट के एक साल के बाद 2021 में यूके ने CPTPP में शामिल होने के लिए औपचारिक रूप से आवेदन दिया था. 

ब्रिटिश सरकार की विदेश नीति के प्रमुख दस्तावेज़ इंटिग्रेटेड रिव्यू 2021 में एक खुले और बाहर की तरफ देखने वाले भू-राजनीतिक किरदार के रूप में यूके को दिखाने के उद्देश्य से ग्लोबल ब्रिटेन की महत्वाकांक्षा पर ज़ोर दिया गया. इंडो-पैसिफिक की तरफ झुकाव इस दृष्टिकोण का एक प्रमुख स्तंभ है जो पूर्व की तरफ दुनिया की सत्ता के समीकरण में बदलाव को दर्शाता है. इस क्षेत्र को लेकर यूके का रवैया व्यापार एवं निवेश के अवसरों को हासिल करने और सप्लाई चेन एवं आर्थिक संपर्क में विविधता लाने पर आधारित है. इस संदर्भ में ब्रिटेन ने इस क्षेत्र में अपनी कूटनीतिक एवं सैन्य संबंधों को मज़बूत करने की कोशिश की है और इंडो-पैसिफिक के देशों के साथ उसने FTA पर हस्ताक्षर किए हैं. साथ ही दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों के संघ (ASEAN) का डायलॉग पार्टनर भी बना है. 

इस संदर्भ में ब्रिटेन ने इस क्षेत्र में अपनी कूटनीतिक एवं सैन्य संबंधों को मज़बूत करने की कोशिश की है और इंडो-पैसिफिक के देशों के साथ उसने FTA पर हस्ताक्षर किए हैं. साथ ही दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों के संघ (ASEAN) का डायलॉग पार्टनर भी बना है. 

अपने ताज़ा इंटिग्रेटेड रिव्यू रिफ्रेश 2023 में सरकार ने ज़ोर देकर कहा कि यूरो-अटलांटिक और इंडो-पैसिफिक क्षेत्रों की समृद्धि और सुरक्षा अटूट रूप से जुड़ी हुई है. इंडो-पैसिफिक क्षेत्र से बाहर के पहले सदस्य के तौर पर यूके के शामिल होने से CPTPP एक वैश्विक समझौता बनने में सक्षम होता है जो दो क्षेत्रों को जोड़ता है. 

उम्मीदों के अनुसार 2050 तक वैश्विक विकास में इंडो-पैसिफिक का योगदान 54 प्रतिशत होगा और 2030 तक यहां दुनिया के आधे उपभोक्ता होंगे. यूके सरकार के मुताबिक CPTPP इंडो-पैसिफिक, जिसे वो अद्वितीय आर्थिक अवसरों वाला क्षेत्र मानता है, के लिए देश के प्रवेश द्वार के रूप में काम करता है. इस तरह CPTPP में यूके का शामिल होना न केवल एक आर्थिक कदम है बल्कि इंडो-पैसिफिक में अपना प्रभाव और उपस्थिति बढ़ाने के लिए एक रणनीतिक फैसला भी है. 

CPTPP में शामिल होने के फायदे 

यूके ट्रेड पॉलिसी ऑब्ज़र्वेटरी और ब्रिटिश चैंबर ऑफ कॉमर्स के मुताबिक CPTPP में शामिल होने से न सिर्फ स्वाभाविक रूप से व्यापार में बढ़ोतरी होगी बल्कि लगातार विकास के लिए एक उचित माहौल को भी बढ़ावा मिलेगा. यूके सरकार का अपना प्रभाव आकलन (इंपैक्ट असेसमेंट) अगले 10 वर्षों के दौरान देश की GDP में केवल 0.08 प्रतिशत विकास की भविष्यवाणी करता है. इसके अलावा CPTPP देशों के साथ 4.9 अरब पाउंड के द्विपक्षीय व्यापार के मामूली विस्तार का आकलन भी है. हाउस ऑफ लॉर्ड्स की अंतर्राष्ट्रीय समझौता समिति की रिपोर्ट सीमित आर्थिक लाभ की बात कहती है क्योंकि CPTPP के 11 में नौ सदस्य देशों (ज्यादातर पहले के EU समझौतों से) के साथ यूके का पहले से ही द्विपक्षीय मुक्त व्यापार समझौता (FTA) है. मलेशिया और ब्रुनेई के साथ FTA नहीं है लेकिन यूके के कुल व्यापार में महज़ 0.33 प्रतिशत इन दोनों देशों के साथ होता है. 

हाउस ऑफ लॉर्ड्स की अंतर्राष्ट्रीय समझौता समिति की रिपोर्ट सीमित आर्थिक लाभ की बात कहती है क्योंकि CPTPP के 11 में नौ सदस्य देशों के साथ यूके का पहले से ही द्विपक्षीय मुक्त व्यापार समझौता (FTA) है.

लेकिन कुछ लाभ की उम्मीद है. 2022 में CPTPP सदस्यों को यूके का निर्यात, जिनमें व्हिस्की, कार, डेयरी और सेवाएं शामिल हैं, 64.7 अरब पाउंड का रहा (यूके के कुल निर्यात का 7.8 प्रतिशत). यूके के 99.9 प्रतिशत निर्यात पर शुल्क कम करने से व्यापार बढ़कर 3.3 अरब पाउंड होने की उम्मीद है जिसमें निर्यात का हिस्सा 1.7 अरब पाउंड होगा. समझौते के ज़रिए स्कॉच व्हिस्की पर मलेशिया का शुल्क 80 प्रतिशत से घटकर 0 प्रतिशत होगा. लेकिन CPTPP सदस्यों को दूसरे प्रमुख निर्यातों, जिनमें मशीनरी, कीमती धातु और ऑटोमोबाइल शामिल हैं, पर मौजूदा टैरिफ पहले से ही कम है. चूंकि चिली, पेरू और मेक्सिको भी समझौते का हिस्सा हैं, ऐसे में यूके को लैटिन अमेरिका के बाज़ारों तक बेहतर पहुंच मिल सकती है जहां महत्वपूर्ण धातुओं का व्यापक भंडार है और जो उसकी ऊर्जा एवं जलवायु महत्वाकांक्षाओं में सहायता करेंगे. आगे आने वाले समय में समझौते का विस्तार करके दक्षिण कोरिया, उरुग्वे और इक्वाडोर जैसे नए सदस्यों को शामिल करने से भी यूके को फायदा होगा. CPTPP में गैर-संस्थापक देश के रूप में यूके के शामिल होने से नए देशों के प्रवेश का रास्ता खुल गया है.  

ब्रिटेन दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा सेवा निर्यातक है. उसने 2022 में CPTPP देशों को 32.2 अरब पाउंड की सेवाओं का निर्यात किया जबकि 2021 में 23 अरब पाउंड की केवल डिजिटल सेवाओं का निर्यात किया. इस तरह CPTPP के साथ यूके 5 अरब पाउंड के ट्रेड सरप्लस की स्थिति में है. CPTPP की सदस्यता से इंडो-पैसिफिक में यूके की भागीदारी के प्रमुख स्तंभों के रूप में डिजिटल व्यापार और सेवाओं में बढ़ोतरी की उम्मीद है. ये समझौता सुचारू डेटा प्रवाह को बढ़ावा देकर, डेटा स्थानीयकरण निर्देशों को सीमित करके और स्रोत कोड के अनिवार्य खुलासे को रोककर डिजिटल व्यापार में क्रांतिकारी बदलाव लाता है. ये डेटा के अंतर्राष्ट्रीय प्रवाह का समर्थक बनने की यूके की राष्ट्रीय डेटा रणनीति के साथ मेल खाता है.  

इसके अलावा, चूंकि यूके के व्यवसाय में छोटे और मध्यम उद्यमों (SME) का हिस्सा 99.9 प्रतिशत है और ये 16.64 मिलियन लोगों को रोज़गार देते हैं, ऐसे में CPTPP में SME के लिए एक विशेष अनुबंध है जो नियामक पारदर्शिता एवं सुव्यवस्थित प्रक्रियाओं को सुनिश्चित करता है और इसमें बचाव के लिए कई तरह के प्रावधान हैं. रूल्स ऑफ ऑरिजिन (ROO) की विशेषता इनपुट सप्लाई का विस्तार और सप्लाई चेन के एकीकरण को मज़बूत करेगी. उदाहरण के लिए, यूके की कंपनी ऑस्ट्रेलिया से इनपुट का उपयोग करके जापान को मशीनरी उपकरण का निर्यात कर सकती है. ROO यूके के ऑटोमोटिव उद्योग और स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्रों को फायदा पहुंचा सकता है क्योंकि वर्तमान समय में यूके CPTPP देशों से इलेक्ट्रिक गाड़ियों के कई तरह के कल-पुर्जों का आयात करता है लेकिन बहुत कम तैयार सामानों का निर्यात करता है

ब्रेक्ज़िट के बाद यूके की व्यापार नीति आर्थिक और व्यापार हितों के अलावा संप्रभुता के विचारों से निर्देशित हो रही है. इस संदर्भ में सामंजस्य को थोपने के बदले CPTPP का ढांचा नियमों में विशेष छूट की अनुमति देने के लिए सदस्यों के बीच साइड लेटर (ऐसा समझौता जो मुख्य समझौते की शर्तों में फेरबदल करता है या उसकी सहायता करता है) के आदान-प्रदान को मंज़ूरी देता है. उदाहरण के लिए, ब्रिटेन ने इन्वेस्टर स्टेट डिस्प्यूट सेटलमेंट (ISDS) को नामंज़ूर करने के लिए ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड के साथ साइड लेटर पर हस्ताक्षर किए. 

इंडो-पैसिफिक में CPTPP का मुकाबला रीजनल कंप्रिहेंसिव इकोनॉमिक पार्टनरशिप (RCEP) के साथ है. CPTPP उच्च मानक निर्धारित करता है और इसमें नियमों की एक व्यापक श्रृंखला शामिल है जबकि RCEP कम सख्त आवश्यकताओं के साथ अधिक लचीला रवैया अपनाता है. CPTPP डिजिटल व्यापार और कामगारों के कल्याण से जुड़े उपायों में विवाद के निपटारे के तौर-तरीके की अनुमति देता है लेकिन RCEP में ये सुविधा नहीं है. इसके बावजूद, समझौता ये भी सुनिश्चित करता है कि निवेश की छानबीन से जुड़े यूके के निर्णय CPTPP के विवाद समाधान तंत्र के तहत नहीं हैं. 

CPTPP में यूके के शामिल होने के कदम को कई घरेलू हलकों में आलोचनाओं का सामना करना पड़ा है. नेशनल फार्मर्स यूनियन ने चेतावनी दी कि इसकी वजह से कम नियामक मानकों वाले विदेशी उत्पादों से प्रतिस्पर्धा में बढ़ोतरी होगी. 

CPTPP में यूके के शामिल होने के कदम को कई घरेलू हलकों में आलोचनाओं का सामना करना पड़ा है. नेशनल फार्मर्स यूनियन ने चेतावनी दी कि इसकी वजह से कम नियामक मानकों वाले विदेशी उत्पादों से प्रतिस्पर्धा में बढ़ोतरी होगी. वहीं वर्ल्डवाइड फंड फॉर नेचर ने दलील दी कि इस समझौते से पर्यावरण की तबाही को बढ़ावा मिलेगा और यूके में जो कीटनाशक प्रतिबंधित हैं, उनके व्यापार को प्रोत्साहन मिलेगा. मज़दूर संघों ने कमज़ोर रक्षा उपायों और कम लागत वाले विदेशी श्रम से प्रतिस्पर्धा को लेकर चिंता जताई है. सिविल सोसायटी समूहों को डर है कि कार्बन उत्सर्जन में बढ़ोतरी जलवायु से जुड़ी महत्वाकांक्षाओं को ख़तरे में डाल सकती है और मलेशिया के पाम ऑयल पर टैरिफ कम करने से वनों की कटाई को बढ़ावा मिल सकता है. हालांकि व्यापार और कृषि आयोग का मानना है कि CPTPP से यूके का कानूनी रूप से पर्यावरण सुरक्षा का मौजूदा स्तर बदलेगा नहीं बल्कि और मज़बूत होगा

घरेलू विरोध अपनी जगह लेकिन CPTPP में शामिल होने को जहां ब्रेक्ज़िट के बाद की जीत माना जा सकता है वहीं आर्थिक लाभ इतना नहीं है कि ब्रेक्ज़िट के परिणामस्वरूप हुए नुकसान की भरपाई हो सके. इसका कारण ये है कि EU अभी भी यूके का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार बना हुआ है. दूसरी तरफ अधिक भौतिक दूरी की वजह से CPTPP गुट के साथ यूके का व्यापार बहुत कम बने रहने की आशंका है. फिर भी समझौते में सदस्यता यूके को बदलती वैश्विक व्यापार की संरचना को तय करने की अनुमति देती है, विशेष रूप से बढ़ती संरक्षणवादी प्रवृत्ति को देखते हुए. अंत में, CPTPP में यूके का शामिल होना इंडो-पैसिफिक के साथ उसकी गहरी सामरिक और आर्थिक भागीदारी को दिखाता है. 


शायरी मल्होत्रा ऑब्ज़र्वर रिसर्च फाउंडेशन के स्ट्रैटेजिक स्टडीज़ प्रोग्राम में डिप्टी डायरेक्टर हैं. 

जया ऑप्लिश ऑब्ज़र्वर रिसर्च फाउंडेशन के स्ट्रैटेजिक स्टडीज़ प्रोग्राम में रिसर्च इंटर्न हैं.

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Authors

Shairee Malhotra

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Shairee Malhotra is Deputy Director - Strategic Studies Programme at the Observer Research Foundation.  Her areas of work include Indian foreign policy with a focus on ...

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Jayaa Auplish

Jayaa Auplish

Jayaa Auplish is a Research Intern at the Observer Research Foundation ...

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